आत्महत्या का निर्णय अक्सर एक क्षण में नहीं लिया जाता है। लोगों द्वारा आत्महत्या करने से कई दिन और कई घंटे पहले सामान्यतः इस बात के संकेत एवं चेतावानी चिन्ह दिखाई देने लगते हैं।

सबसे प्रबल और व्यथित कर देने वाले संकेत 'शाब्दिक' होते हैं - ''मैं अब और आगे नहीं खींच सकता हूं, ''मेरे लिए अब कुछ भी मायने नहीं रखता है'' या फिर ''मैं सब कुछ समाप्त करने की सोच रहा हूं''। ऐसी टिप्पणियों को सदैव गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अन्य सामान्य चेतावनी संकेतों में हैं:

  • अवसादग्रस्त होना या मिलनसार न रह जाना
  • लापरवाही से व्यवहार करना
  • चीजों के क्रम से रखना और बहुमूल्य संपत्ति का त्याग करना
  • व्यवहार, स्वभाव और हाव-भाव में बडा परिवर्तन दिखाई देना
  • नशीले पदार्थों एवं मदिरापान का दुरुपयोग करना
  • एक बहुत बडी हानि उठाना अथवा जीवन में परिवर्तन आना

निम्नलिखित सूची में ऐसे कुछ और उदाहरण दिए गए हैं और ये सभी उस बात के संकेतहो सकते हैं कि व्यक्ति आत्महत्या करने की सोच रहा है। निस्संदेह, अधिकतर मामलों में ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति आत्महत्या नहीं करता है। किंतु, आमतौर पर, व्यक्ति ऐसे जितने अधिक संकेत देता है, उसके द्वारा आत्महत्या करने का खतरा उतना ही अधिक बढ़ जाता है।

परिस्थितियां

  • आत्महत्या एवं हिंसा का पारिवारिक इतिहास
  • यौन एवं शारीरिक दुर्व्यवहार
  • परिवार के किसी सदस्य या निकट मित्र की मृत्यु
  • तलाक या संबंध-विच्छेद, संबंध समाप्त होना
  • शैक्षिक क्षेत्र में असफलता, निकट भविष्य में होने वाली परीक्षाएं, परीक्षा परिणाम
  • नौकरी छूटना, नौकरी में समस्याएं
  • निकट भविष्य में कानूनी मामला चलना
  • हाल ही में कारावास या निकट भविष्य में जेल से छूना

व्यवहार

  • चिल्लाकर रोना
  • लडना
  • कानून तोडना
  • मनमौजीपन
  • आत्म-अंगच्छेदन
  • मृत्यु एवं आत्महत्या के बारे में लिखना
  • पूर्व में भी आत्महत्या जैसा आचरण
  • उग्र व्यवहार
  • व्यवहार में परिवर्तन

शारीरिक परिवर्तन

  • ऊर्जा का अभाव 
  • निद्रा अनियमितता - बहुत अधिक या बहुत कम सोना
  • भूख न लगना
  • वजन का अचानक बढना या कम होना 
  • छोटी बीमारियों में बढोतरी 
  • हाव-भाव में अचानक परिवर्तन 
  • शारीरिक सज्जा में रुचि समाप्त होना

विचार एवं भावनाएं

  • आत्महत्या के विचार 
  • अकेलापन - परिवार एवं मित्रों से सहायता न मिलना 
  • तिरस्कार, हीन भावना से ग्रस्त होना 
  • गहरी उदासी अथवा स्वयं को दोषी महसूस करना 
  • एक तंग दायरे से बाहर निकलकर देखने में असमर्थ होना 
  • दिन में स्वप्न देखना 
  • व्याकुलता एवं दबाव 
  • असहाय अनुभव करना
  • आत्म-सम्मान खो देना

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति, जिसे आप जानते हैं, के बारे में चिंतित हैं तो यह सुनिश्चित कीजिए कि आप हमारा 'हाउ टु हेल्प' पृष्ठ पढ़ें।